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Sunday, October 14, 2012

फेसबुक ने लॉच की "प्लेसेस" सुविधा: बताईए कहाँ हैं आप

फेसबुक ने लॉच की "प्लेसेस" सुविधा: बताईए कहाँ हैं आप


facebook-placesफेसबुक ने आखिरकार अपनी बहुप्रतिक्षित "प्लेसेस" सुविधा को लॉंच कर दिया है.
फेसबुक ने अपने पालो आल्टो स्थित मुख्यालय में पत्रकारों को निमंत्रित किया और अपनी नई सुविधा के बारे में जानकारी दी.

फेसबुक
की नई प्लेसेस सुविधा जियो लोकेशन आधारित है और बताती है कि कोई प्रयोक्ता फिलहाल कहाँ है.

यह सुविधा तीन तरह से काम करती है -
  1. इसकी मदद से आप अपने मित्रों को अपने गंतव्य स्थान के बारे में जानकारी दे सकते हैं. इसके लिए आप स्वयं अपने स्थान की जानकारी चिह्नित कर अपने वांछित मित्रों को टैग कर सकते हैं
  2. इसकी मदद से आप जान सकते हैं कि आपके मित्र कहाँ हैं और आपसे कितनी दूर हैं
  3. इसकी मदद से आप अपने आसपास के स्थानों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं

फेसबुक यूँ तो इस सुविधा पर कई महिनों से विचार कर रहा था परंतु इस परियोजना से जुड़े एक शीर्ष सोफ्टवेर इंजीनियर के अनुसार इस सुविधा पर मूल कार्य करीब 8 महिने पहले शुरू हुआ था.

इस बारे में जानकारी देते हुए फेसबुक के मार्क जकरबर्ग ने कहा कि हम इस सुविधा को सुचारू रूप से शुरू करने के लिए प्रयासरत थे और इसके लिए हमने काफी मेहनत की है.

मार्क के अनुसार यह सुविधा फिलहाल वेब और आईफोन अप्लिकेशन के रूप में उपलब्ध होने जा रही है. परंतु फेसबुक इसकी एपीआई भी जारी कर रहा है. यानी थर्ड पार्टी डेवलपर भी अपने तरीके से अप्लिकेशन बना पाएंगे और इस तरह यह सुविधा ब्लैकबेरी और एंड्रोइड आधारित फोनों पर भी उपलब्ध हो जाएगी.

फेसबुक की यह लोकेशन आधारित सुविधा की मदद से प्रयोक्ता विभिन्न स्थलों पर "चैक इन" कर पाएंगे. इसकी एपीआई की मदद से फोरस्कैवर, गोवाला, येल्प और बूया वेबसाइटों के प्रयोक्ता फेसबुक प्लेसेस में चैक इन कर पाएंगे.

मार्क के अनुसार फेसबुक भविष्य में इस सुविधा का वाणिज्यिक उपयोग भी कर पाएगा. इसके लिए विशेष बिजनेस पन्ने बनानी की सुविधा दी जाएगी.

फेसबुक इस सुविधा का वाणिज्यिक इस्तेमाल करने को लेकर कितना गम्भीर है यह इस बात से ही स्पष्ट है कि उसने अभी से विज्ञापन प्रदाताओं से आग्रह करना शुरू कर दिया है कि वे इस सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए पंजीकरण करें. फेसबुक का इरादा जल्द से जल्द एक बृहद लोकेशन आधारित डायरेक्टरी बनाने का है.
यह किस तरह से काम करेगा?
एक उदाहरण देखिए - आपने अपने शोरूम का स्थान फेसबुक प्लेसेस की मदद से चिह्नित किया है. अब कोई प्रयोक्ता आपके शोरूम में आता है और "चैक इन' करता है. वह अपने मित्रों को टैग करता है और अपने विचार रखता है. ये विचार और वह कहाँ है यह बात उसके मित्रों तक जाती है और वे उसे आगे फैलाते हैं.
इस तरह से आपके शोरूम का ओनलाइन प्रचार होता है. फेसबुक का कहना है कि व्यापारी फेसबुक प्लेसेस की मदद से ठीक उसी तरह से विज्ञापन कर पाएंगे जिस तरह से वे फेसबुक पेज की मदद से करते हैं. यहाँ तक की फेसबुक पेज और फेसबुक प्लेसेस का सम्मिलित रूप लोगों को और भी अधिक आकर्षित करेगा.

जब कोई प्रयोक्ता कहीं चैक इन करता है तो वह कुछ इस तरह से संदेश दे सकता है -
Anniversary Sale!! - at XYZ store, Delhi with Karan Pande and 2 other people

फेसबुक ने अपनी प्लेसेस सुविधा के साथ एक बडी छलांग लगाई है जहाँ उसके पास और उसके प्रयोक्ताओं के पास इसके इस्तेमाल की अपार सम्भावनाएँ हैं. देखना होगा कि लोग इस सुविधा का किस तरह से इस्तेमाल करते हैं.

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