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Sunday, October 14, 2012

क्या ईमेलों की बाढ तनाव पैदा करती है?

क्या ईमेलों की बाढ तनाव पैदा करती है?


emailक्या जब आप अपने ऑफिस का कम्प्यूटर शुरू करते हैं तो सबसे पहले अपना इनबॉक्स देखते हैं? क्या ऐसा होता है कि सुबह सुबह ईमेलों के ढेर से भरे हुए इनबॉक्स को देखते ही आप तनावग्रस्त महसूस करने लगते हैं?

आईबीएम के द्वारा करवाए गए एक सर्वे के अनुसार कार्यस्थलों पर ईमेल का ढेर लग जाने पर इंसान को तनाव महसूस होने लगता है. आईबीएम ने 629 मैनेजरों का सर्वे किया और इसके नतीजे कुछ इस प्रकार से हैं -

  • 45% मैनेजरों ने माना कि ढेर सारे ईमेल देखकर उन्हें तनाव महसूस होता है
  • 7% के लिए यह अत्यधिक तनाव भरा पल होता है
  • 50% लोग मानते हैं कि जवाब देने को बाकी, ऐसे ईमेल उनके तनाव को बढाते रहते हैं
  • 48% लोग मानते हैं कि लगातार जवाब देना पडे ऐसे ईमेल उन्हें तनाव देते हैं
  • 100% लोग मानते हैं कि ईमेल उनके लिए सम्पर्क में रहने का सबसे बढिया माध्यम है परन्तु वह तनाव देता है
यही नहीं ईमेल का ढेर लग जाने से गलतियाँ भी होती है. और कभी कभी ये गलतियाँ इतनी बडी होती हैं कि इससे तनाव कई गुना बढ जाता है. उदाहरण के लिए आप किसी ऐसे व्यक्ति को ईमेल भेज देते हैं जिसे भेजना नहीं था या फिर किसी एक व्यक्ति के लिए लिखे गए मेल को सभी लोगों को भेज देते हैं.
  • 33% लोग मानते हैं कि उन्होनें गलत आदमी को मेल भेजा और उससे उन्हें भारी मानसिक तनाव का अनुभव हुआ
  • 50% कर्मचारी मानते हैं कि उन्होनें रिप्लाय की जगह रिप्लाय ऑल दबा दिया
  • 59% मैनेजरों ने माना कि उन्होनें मेल भेजने के बाद उसे रोकना चाहा परंतु सफलता नहीं मिली
  • 49% कर्मचारियों ने माना कि उन्होनें मेल भेजने के बाद महसूस किया कि उन्हें यह नहीं लिखना चाहिए था
ईमेल आज ऑफिस की जरूरत है, परंतु इसका सही तरीके से इस्तेमाल ना करने की वजह से अनावश्यक रूप से तनाव बढ जाता है.

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